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Showing posts from August, 2024

UCC क्या है और क्यों विवादित है?

           UCC क्या है और क्यों विवादित है ? UCC का मतलब है समान नागरिक संहिता . इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग नियमों को एक ही नियम से बदलना है। ये नियम शादी , तलाक , संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में लागू होते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में UCC का उल्लेख राज्य नीति के निदेशक   सिद्धांत के रूप में किया गया है। यह कहता है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार नहीं है , बल्कि राज्य के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। समर्थक कहते हैं कि UCC से देश एकजुट होगा , महिलाओं को अधिकार मिलेंगे और सभी लोगों के साथ समान व्यवहार होगा। लेकिन विरोधी कहते हैं कि इससे धर्म और संस्कृति की विविधता खत्म हो जाएगी। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत के संविधान में UCC को लागू करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन इसे लागू करने में अब तक बहुत विवाद और बहस हुई है। UCC के बारे में बा...

शिलांग का अंतिम पत्र

  शिलांग का अंतिम पत्र 1920 के दशक का मेघालय का शिलॉंग , जहाँ हर कोने में हरियाली और बादलों का साम्राज्य था। यहाँ हर सुबह ठंडी हवाएँ पेड़ों से बात करतीं , और शाम को बारिश की हल्की बूंदे पूरे शहर को एक नयी ताजगी से भर देती थीं। ठंडी हवाओं और शांत पहाड़ियों के बीच बसा यह शिलॉंग शहर , अपने अद्वितीय सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता था। यहीं पर मीरा नाम की एक खूबसूरत लड़की रहती थी , जिसकी सुंदरता और आकर्षण ने पूरे शहर को मोह लिया था। मीरा , अपने शारीरिक सौंदर्य के लिए शहरभर में प्रसिद्ध थी लोग कहते थे की “सुन्दरता हो तो व्यापारी की बेटी के जैसी” और इस बात का उसे गर्व भी था। लोग उसकी मुस्कान , उसकी आँखों की चमक और उसकी कोमलता की तारीफें किया करते थे। वह अपने श्रृंगार और बाहरी आकर्षण को सबसे अधिक महत्व देती थी। मीरा के पिता , एक सफल व्यापारी थे जिनका हैंडलूम का व्यापार था , उन्होंने एक ईमानदार और मेहनती सलाहकार को नौकरी पर रखा , राम जो सिक्किम से था , अक्सर उनके व्यापार में मदद करता था। राम एक सीधा-सादा , शांत स्वभाव का लड़का था। वह दिखने में साधारण परन्तु बौद्धिकता से परिप...

ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन और सुधार रणनीति पर आधारित विचारों का सार

भारत का ओलंपिक प्रदर्शन: पेरिस ओलंपिक में भारत 71वें स्थान पर रहा, 1.4 बिलियन आबादी और 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के बावजूद। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 7 पदक (1 स्वर्ण) जीते थे, जबकि पेरिस में यह घटकर 6 रह गया। खेलों में सुधार के लिए केवल देशभक्ति और नारेबाजी पर्याप्त नहीं है; सटीक और व्यवस्थित प्रयासों की आवश्यकता है। सुधार रणनीति: सरकार द्वारा पदक विजेताओं को दिए जाने वाले नकद पुरस्कारों का इस्तेमाल जमीनी स्तर की खेल सुविधाएं विकसित करने में होना चाहिए। बेहतर स्थानीय सुविधाएं और संसाधन एथलीटों के करियर को लंबा कर सकते हैं और नए प्रतिभाओं के उभरने का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। खेलों का राजनीतिकरण, अवसरों की कमी और पुराने खेल संघों का भ्रष्टाचार खेल प्रतिभाओं के विकास में बाधा डालता है। खेलों का संस्थागत ढांचा: खेल संघों पर अक्सर राजनेताओं और उनके परिजनों का कब्जा होता है, जिससे नए खिलाड़ियों के लिए अवसर कम हो जाते हैं। खराब प्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण भारतीय खेलों की संरचना कमजोर है। उदाहरण: हॉकी, मुक्केबाजी, और तीरंदाजी जैसे खेलों में फेडरेशन के गलत फैसले और कोचिंग विवादों ने खिलाड...

बजट: शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि में शोध का हक़ का पैसा क्यों नही खर्च किया जा रहा है ?

अगर शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि में नवीन शोध नहीं करेगे तो देश को विश्व महाशक्ति बना पायेंगे हाँ या नहीं ? निर्मला सीतारमन ने बजट भाषण में, विकसित भारत अभियान के लिए नौ मुख्य प्राथमिकता क्षेत्र चुने हैं  और कहा कि ये प्राथमिकताएं विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए ज़रूरी हैं। ये प्राथमिकताएं हैं:- कृषि में उत्पादकता,  रोज़गार,  सामाजिक न्याय,  विनिर्माण,  शहरी विकास,  ऊर्जा सुरक्षा,  बुनियादी ढांचा,  नवाचार अगली पीढ़ी के सुधार  कृषि कृषि में व्यापक उत्पादकता और सतत् अनुकूलता हेतु प्रयास तब तक सफल नहीं हो सकते, जब तक उन पर व्यापक और युद्ध स्तर पर शोध न हों। लेकिन सच यह है कि इस घोषणा के बावजूद बजट में कृषि शोध की राशि नगण्य तो रहा ही और लगभग पूर्ववत एवं घटा भी है। जरा सोचें, जिस देश में कृषि विकास दर पिछले वर्ष के 4.7% के मुकाबले वर्ष 2024 में घटकर मात्र 1.4 रह गई हो, उसमें कृषि शोध पर खर्च करना ही एक मात्र विकल्प होना चाहिए।   लेकिन कृषि शोध तीव्रता (एआरआई) – शोध राशि और कृषि जीडीपी का अनुपात – जो वर्ष 2008-09 में 0.75% था, वर्ष 2022-2...