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MPPSC पाठ्यक्रम : PRE (प्रारंभिक) तथा MAINS (मुख्य) परीक्षा

  MPPSC पाठ्यक्रम : PRE (प्रारंभिक) तथा MAINS (मुख्य) परीक्षा प्रारंभिक परीक्षा प्रथम प्रश्न पत्र - सामान्य अध्ययन  इकाई 1. भारत का इतिहास (History of India) संकल्पना एवं विचार - प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतवर्ष, वेद, उपनिषद, आरण्यक, ब्राह्मण ग्रंथ, षड्दर्शन, स्मृतियाँ, ऋत सभा समिति, गणतंत्र, वर्णाश्रम, पुरुषार्थ, ऋण संस्कार, पंचमहायज्ञ / यज्ञ, कर्म का सिद्धांत, बोधिसत्व, तीर्थंकर।  (Concepts and Ideas - Ancient Indian Knowledge Tradition, Bharatvarsha, Vedas, Upanishad, Aranyaka, Brahman Granth, Shaddarshan, Smritiyan, Rit Sabha-Samiti, Gantantra(Republic), Varnashrama, Purushartha, Rin Sanskara, Panch Mahayagya/Yagya, Principle of Karma, Bodhisatva, Teerthankar.) प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ। (Salient features, Events and their administrative, Social and Economic Systems of Ancient and Medieval India.) भारत की सांस्कृतिक विरासत - कला प्रारूप, साहित्य, पर्व एवं उत्सव। (India's cult...

UCC क्या है और क्यों विवादित है?

           UCC क्या है और क्यों विवादित है ? UCC का मतलब है समान नागरिक संहिता . इसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग नियमों को एक ही नियम से बदलना है। ये नियम शादी , तलाक , संपत्ति के बंटवारे और गोद लेने जैसे मामलों में लागू होते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में UCC का उल्लेख राज्य नीति के निदेशक   सिद्धांत के रूप में किया गया है। यह कहता है कि राज्य भारत के पूरे क्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार नहीं है , बल्कि राज्य के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है। समर्थक कहते हैं कि UCC से देश एकजुट होगा , महिलाओं को अधिकार मिलेंगे और सभी लोगों के साथ समान व्यवहार होगा। लेकिन विरोधी कहते हैं कि इससे धर्म और संस्कृति की विविधता खत्म हो जाएगी। स्वतंत्रता के बाद से ही भारत के संविधान में UCC को लागू करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन इसे लागू करने में अब तक बहुत विवाद और बहस हुई है। UCC के बारे में बा...

क्या प्रशासनिक सेवा की गहरी भूख युवाओं को अपराधिक कृत्य करने की ओर ले जा रही है ?

प्रशिक्षण प्राप्त कर रही आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के प्रकरण ने देश की प्रशासनिक सेवा की कई संस्थाओं के कारनामों को एक साथ उजागर कर दिया है।  पूजा खेडकर अभी लालबहादुर शास्त्री अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनकी यह ट्रेनिंग अगले साल जुलाई में पूरी होगी।  इस दौरान उन्हें फील्ड ट्रेनिंग के लिए असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में पुणे भेजा गया। वहां जाते ही उन्होंने सभी नियम-कायदे और नैतिकता को ताक पर रख ऐसे-ऐसे काम किए, जो देश की पूरी प्रशासनिक सेवा के लिए कलंक कहे जा सकते हैं।  उन्होंने वहां जाते ही लाल बत्ती लगी सरकारी गाड़ी, एक अलग आफिस, घर और चपरासी इत्यादि की मांग की। यहां तक कि अपनी निजी आडी गाड़ी पर खुद ही अवैध रूप से लाल बत्ती भी लगवा ली,  जबकि उस गाड़ी के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के दर्जन भर मामले दर्ज हैं और जुर्माना तक बकाया है। बीते दिनों उसे जब्त कर लिया गया। आईएएस अधिकारी बनने के बाद उन पर ऐसा नशा छाया कि पुणे में तैनात एक अन्य अफसर के कार्यालय से जबरन उनका नाम हटाकर अपनी नेम प्लेट लगा दीं। हालांकि इस प्रकरण के सामने आना एक मायने में सही स...