भारत की पहली 'राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति' (National Counter Terrorism Policy and Strategy) जारी हो
अभी तक आतंकवाद से लड़ने के लिए हमारे पास अलग-अलग कानून (जैसे UAPA) और एजेंसियां (जैसे NIA) तो हैं, लेकिन कोई एक लिखित "Single Document" या "Policy" नहीं थी जो यह बताए कि केंद्र और सभी राज्य मिलकर आतंकवाद से कैसे लड़ेंगे। यह नई नीति सभी राज्यों के लिए एक 'Template' (खाका) का काम करेगी।
इस नीति में किन मुद्दों पर फोकस होगा? न्यूज़ क्लिपिंग के अनुसार, सरकार इन मुख्य चुनौतियों पर ध्यान दे रही है:
डिजिटल रेडिकलाइजेशन (Digital Radicalisation): इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं का ब्रेनवाश करना। हाल ही में दिल्ली के लाल किले के पास जो हमला (Car-borne suicide attack attempt) हुआ, उसमें भी आरोपी ऑनलाइन ही रेडिकलाइज हुए थे।
खुली सीमा का दुरुपयोग (Misuse of Open Borders): भारत-नेपाल बॉर्डर 'ओपन' है (बिना वीजा आ-जा सकते हैं)। इसका फायदा उठाकर खालिस्तानी आतंकी और अपराधी विदेशी पासपोर्ट पर नेपाल आते हैं और वहां से आसानी से बिहार या यूपी के रास्ते भारत में घुस जाते हैं।
विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण (Foreign Funding & Conversion): विदेशों से पैसा भेजकर कन्वर्जन रैकेट चलाना और देश विरोधी माहौल बनाना।
Aadhaar Spoofing: आधार कार्ड की नकली पहचान बनाना।
ताजा अपडेट:
NIA (National Investigation Agency) 26 और 27 दिसंबर को दिल्ली में एक 'Anti-Terror Conference' आयोजित कर रही है, जहाँ इस नीति की रूपरेखा (Contours) साझा की जाएगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल नवंबर में ही इसका ऐलान किया था, जो अब फाइनल स्टेज में है।
2. एग्जाम के लिए स्टेटिक और बैकग्राउंड (Static Background for Exams)
भारत में आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाई है।
1. कानूनी ढांचा (Legal Framework)
सरकार ने कानूनों को सख्त किया है ताकि आतंकवादियों को आसानी से जमानत न मिले और उनकी संपत्ति जब्त की जा सके।
UAPA (Unlawful Activities Prevention Act), 1967: यह भारत का सबसे प्रमुख एंटी-टेरर कानून है। 2019 के संशोधन के बाद अब सरकार सिर्फ संगठनों को ही नहीं, बल्कि 'अकेले व्यक्ति' (Individual) को भी आतंकवादी घोषित कर सकती है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 (धारा 113): यह सबसे नया अपडेट है। पहले आतंकवाद की परिभाषा अलग-अलग कानूनों में थी, लेकिन अब नए क्रिमिनल लॉ (BNS) की धारा 113 में 'आतंकवादी कृत्य' (Terrorist Act) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। यह देश की एकता, अखंडता और आर्थिक सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले कृत्यों को कवर करता है।
NIA Act, 2008: इसके तहत NIA को यह शक्ति मिली है कि वह राज्य पुलिस की अनुमति के बिना किसी भी राज्य में जाकर आतंकी मामलों की जांच कर सकती है। इसे 2019 में और मजबूत किया गया जिससे यह विदेशों में भारतीयों पर हुए हमलों की जांच भी कर सके।
2. संस्थागत ढांचा (Institutional Framework)
एजेंसियों को आधुनिक और ताकतवर बनाया गया है:
NIA (National Investigation Agency): यह भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी है। इसका कन्विक्शन रेट (सजा दिलाने की दर) 90% से ज्यादा है।
NATGRID (National Intelligence Grid): यह एक मास्टर डेटाबेस है। यह बैंकिंग, रेलवे, एयरलाइंस आदि का डेटा एक जगह लाता है ताकि खुफिया एजेंसियां संदिग्धों को तुरंत ट्रैक कर सकें।
MAC (Multi-Agency Centre): इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के तहत काम करता है। यह अलग-अलग एजेंसियों (जैसे सेना, पुलिस, RAW) के बीच रियल-टाइम में खुफिया जानकारी साझा करता है।
NSG (National Security Guard): यह आतंकी हमलों (जैसे 26/11) से निपटने के लिए विशेष 'कमांडो फोर्स' है। अब इसके हब मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता में भी बनाए गए हैं ताकि रिस्पांस टाइम कम हो।
3. प्रमुख ऑपरेशन (Major Operations)
UPSC मेन्स में उत्तर लिखते समय इन ऑपरेशन्स का जिक्र करने से अच्छे नंबर मिलते हैं:
Operation Dhvast (ऑपरेशन ध्वस्त): NIA द्वारा चलाया गया यह अभियान आतंकवादियों, गैंगस्टरों और ड्रग तस्करों के नेक्सस (गठजोड़) को तोड़ने के लिए था।
Operation Mahadev (ऑपरेशन महादेव): जम्मू-कश्मीर में पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों द्वारा आतंकियों के सफाए के लिए चलाया गया अभियान।
Operation Chakra-II (ऑपरेशन चक्र-2): CBI द्वारा साइबर क्राइम और फाइनेंशियल फ्रॉड (जो टेरर फंडिंग से जुड़ सकते हैं) को रोकने के लिए चलाया गया।
4. अंतर्राष्ट्रीय पहल (International Initiatives)
भारत वैश्विक मंच पर भी आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाता है:
CCIT (Comprehensive Convention on International Terrorism): भारत 1996 से UN में इस प्रस्ताव को पास कराने की कोशिश कर रहा है ताकि दुनिया भर में आतंकवाद की एक ही परिभाषा हो।
'No Money For Terror' Conference: भारत ने इसकी मेजबानी की थी, जिसका उद्देश्य टेरर फंडिंग (पैसा पहुँचाने) को रोकना है।
FATF (Financial Action Task Force): भारत FATF के मानकों का पालन करता है ताकि मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग को रोका जा सके।
5. भविष्य की योजना (Future Roadmap)
जैसा कि आपकी न्यूज़ क्लिपिंग में था, सरकार जल्द ही 'National Counter Terrorism Policy' लाने वाली है। इसमें पुलिस को और आधुनिक बनाने और राज्यों के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया जाएगा।
Exam Summary (Quick Recap Table)
| श्रेणी | प्रमुख बिंदु |
| Law | UAPA (Amendment 2019), BNS Section 113 |
| Agency | NIA, NATGRID, NSG, MAC |
| Global | CCIT Proposal at UN, No Money For Terror |
| Focus | Digital Radicalization, Border Security, Terror Funding |
UGC NET Political Science Syllabus Mapping
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Unit 7: Political Institutions in India (भारत में राजनीतिक संस्थाएं)
Topic: Challenges to National Integration (राष्ट्रीय एकीकरण की चुनौतियां) - आतंकवाद और विद्रोह।
Unit 6: India's Foreign Policy (भारत की विदेश नीति)
Topic: India’s relations with neighbors (भारत-नेपाल संबंध: खुली सीमा और सुरक्षा चिंताएं)।
Topic: Cross-border terrorism (सीमा पार आतंकवाद - पाकिस्तान और कनाडा का एंगल)।
Unit 10: Governance and Public Policy in India
Topic: Sectoral Policies - Security Policy (सुरक्षा नीति)।
UPSC Mains Relevance (GS Paper 3)
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Topic: Role of external state and non-state actors in creating challenges to internal security.
Topic: Challenges to internal security through communication networks (Social Media/Radicalisation).
Topic: Security challenges and their management in border areas (India-Nepal Border).
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