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करेंट अफयर्स : 10 अक्टूबर 2024

 



विवरण:

  • नेपाल राष्ट्र बैंक ने 3000 करोड़ रुपये के नोट छापने का ठेका चाइना बैंक नोट प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कॉरपोरेशन को दिया है।
  • नए नोटों पर नेपाल का एक विवादित नक्शा छापा जाएगा, जिसमें लिपुलेख और लिंपियाधुरा जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जिन पर भारत भी अपना दावा करता है।
  • इससे भारत और नेपाल के बीच तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि नेपाल द्वारा इन क्षेत्रों को अपने नक्शे में दिखाने का मतलब है कि नेपाल इन पर अपना अधिकार जताता है।



2024 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों - डेविड बेकर, डेमिस हसाबिस और जॉन एम जंपर को दिया गया है।


  • प्रोटीन डिजाइन और संरचना: इन वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार प्रोटीन डिजाइन और संरचना के क्षेत्र में  दिया गया है।
  • डेविड बेकर: बेकर ने कम्प्यूटेशनल प्रोटीन डिजाइन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 2003 में एक नया प्रोटीन डिजाइन किया था और तब से उनके शोध समूह ने कई नए और उपयोगी प्रोटीन बनाए हैं। इन प्रोटीनों का उपयोग दवाइयों, टीकों, नैनो सामग्री और सेंसर बनाने में किया जा सकता है।
  • डेमिस हसाबिस और जॉन एम जंपर: हसाबिस और जंपर ने एआई मॉडल अल्फाफोल्ड2 विकसित किया है। यह मॉडल लगभग 20 करोड़ प्रोटीन की संरचना का पूर्वानुमान लगा सकता है। इस मॉडल का उपयोग दुनिया भर के वैज्ञानिक कर रहे हैं।
  • महत्व: प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। वे हमारे शरीर के कई कार्यों को नियंत्रित करते हैं। इस खोज से दवाओं और टीकों को बनाने में मदद मिलेगी।

डेविड बेकर वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं।
डेमिस हसाबिस गूगल डीपमाइंड के सीईओ हैं।
जॉन एम जंपर गूगल डीपमाइंड के सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट हैं।







 

मुख्य बिंदु-

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं:

  • RBI ने लगातार 10वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। वर्तमान में रेपो रेट 6.5% पर स्थिर रखा गया है। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को उधार देता है।
लोन बंद करने/प्री-पेमेंट पर कोई जुर्माना नहीं-

  • अब उधारकर्ता अगर अपने लोन को समय से पहले बंद करते हैं (प्री-पेमेंट) या किसी कारण से लोन को पूरी तरह से चुका देते हैं, तो उन पर कोई फ्लोटिंग दर जुर्माना या शुल्क नहीं लगेगा। यह सुविधा माइक्रो और स्माल एंटरप्राइजेज के लिए भी लागू होगी।
  • UPI लाइट की सीमा बढ़ाई-
  • UPI लाइट के लिए ट्रांजेक्शन लिमिट को ₹500 से बढ़ाकर ₹1000 कर दिया गया है। इसके अलावा, UPI लाइट वॉलेट में अब ₹2000 के बजाय ₹5000 तक की सीमा रखी गई है।
अन्य महत्त्वपूर्ण घोषणाएँ:

  • UPI123 की सीमा को 5 हजार से बढ़ाकर 10 हजार तक कर दिया गया है।
  • RBI123 की सुविधाओं को बढ़ाने और आरटीजीएस (RTGS) के जरिए विदेश में पैसे भेजने की प्रणाली को और सरल बनाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
  • कुल मिलाकर, RBI की यह नीतिगत समीक्षा महंगाई को नियंत्रित करने और आम जनता के लिए वित्तीय प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में एक कदम है।


 
सहारा रेगिस्तान की  विशेषताएं:

  • विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल: सहारा रेगिस्तान का क्षेत्रफल लगभग 92 लाख वर्ग किलोमीटर है, क्षेत्रफल में यह यूरोप के लगभग बराबर एवं भारत के क्षेत्रफल के दूने से अधिक है। माली, मोरक्को, मुरितानिया, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, नाइजर, चाड, सूडान एवं मिस्र देशों में इस मरुस्थल का विस्तार है। दक्षिण मे इसकी सीमायें सहल से मिलती हैं जो एक अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय सवाना क्षेत्र है।
  • अत्यधिक शुष्क जलवायु: यहां वर्षा बहुत कम होती है और तापमान दिन में बहुत अधिक और रात में बहुत कम हो जाता है।
  • रेतीले टीले: रेगिस्तान में विशाल रेतीले टीले हैं
  • ओएसिस: रेगिस्तान में कुछ स्थानों पर ओएसिस होते हैं, जहां पानी और वनस्पति मिलती है।

मुख्य बिंदु:

  • सहारा रेगिस्तान के दक्षिण-पूर्वी मोरक्को में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
  • इस क्षेत्र में आमतौर पर सालभर में औसतन 250 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार सिर्फ दो दिनों में 200 मिमी से ज्यादा बारिश हुई।
  • 50 साल से सूखी पड़ी टेगोनाइट गांव की झील पूरी तरह भर गई है।
  • इस असामान्य स्थिति ने मोरक्को सरकार और पर्यावरण वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।




 
प्रमुख आंकड़े
  • मातृ मृत्यु अनुपात (एमएमआर) में कमी:
  • 2000 से 2020 के बीच भारत में मातृ मृत्यु अनुपात 70% तक कम हुआ है।
  • 2000 में एमएमआर 384 था जो 2020 में घटकर 103 हो गया।
  • वैश्विक स्तर पर 2000 में एमएमआर 339 था जो 2020 में 223 हुआ।
कुल प्रजनन दर (टीएफआर):
  • भारत ने 2.1 की कुल प्रजनन दर हासिल कर ली है।
  • 31 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रतिस्थापन स्तर (2.1) हासिल कर चुके हैं।
  • आंकड़ों का अर्थ
  • एमएमआर में कमी: यह दर्शाता है कि भारत में प्रसव के दौरान या उसके बाद होने वाली महिलाओं की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। यह भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही मातृ स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता का प्रमाण है।
  • टीएफआर 2.1: यह दर्शाता है कि भारत में प्रति महिला औसतन 2.1 बच्चे पैदा होते हैं। यह जनसंख्या वृद्धि दर को स्थिर रखने के लिए आवश्यक स्तर है। 
निष्कर्ष
भारत ने मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के कारण हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकी है। हालांकि, अभी भी कुछ राज्यों में मातृ मृत्यु दर अधिक है, जैसे कि उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मेघालय और मणिपुर।
 

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