थोड़ा अजीब लगेगा की देवता कैसे बन सकते है? लोगों को लगता है कि देवता तो भगवान के प्रतिनिधि होते है जिन्हे मंदिरों में पूजा जाता है वो सबके आराध्य होते है या अन्य कुछ लोक देवता भी होते है जो इंसान अपने अच्छे कर्मों की वजह से मृत्यु के बाद भी पूजे जाते है। बात यह नही है की देवता होते कौन है? लेकिन बात यह जरूर है की दोनों बातों में देवता का अर्थ यही है जो कुछ देता हो या देने का भाव रखता हो और हमेशा अपना जीवन परोपकार में खपा दिया । यह आपको सोचना है की इनमें से किसकी बात हो रही है? जब हम दूसरों की हर स्थिति - परिस्थिति में और बुरे वक्त में भी मदद करते है और साथ देते है। लेकिन फिर भी अपनी परिस्थितियों और बुरे दौर में खुद को अकेला पाते है, लोगों के साथ होते हुए भी ऐसा लगता है कि ये परिस्थितियां सिर्फ आप को ही प्रभावित कर रही है, कष्ट में डाल रही है और कोई नहीं समझ पा रहा आपको तब उस स्थिति में हमें क्या करना चाहिए ? हमें उस वक्त बस एक जगह बैठकर बस यही करना है और सोचना है कि जो हम मदद, सहयोग कर रहे है वह बिल्कुल सही है और हमेशा करते रहेंगे, चाहे कोई हमें बदले में कुछ दे या नहीं। अग...
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