एक बात तो पक्की है कि जिसके पास शारीरिक बल है और शक्ति है तो ये सब उसके लिए एक सीढ़ी के रूप में है । जो एक निश्चित समय और निश्चित सीमा के बाद खत्म हो जाएगी और जीवन भर वह शारीरिक आपूर्ति की चिंता में रहेगा ।
वहीं जिसके पास पैसा है धन दौलत है वह भी एक निश्चित सीमा और निश्चित समय तक ऊंचाई तक बढ़ता है फिर उसको आखिर में नीचे आना ही पड़ता है और अधिकांश अमीर इंसान अपनी सारी जिंदगी केवल अपनी अमीरी बरकरार रखने की चिंता में गुजार देते है और लाभ हानि का सोच सोचकर गुजर जाते है। धिक्कार है ऐसी जिंदगी पर ।
तो संपूर्ण संसाधन स्रोत या तत्व क्या होना चाहिए जोकि जीवन खुशहाल और संपूर्ण सुव्यवस्थित रखे ।
मुझे लगता है ज्ञान । हाँ सात्विक ज्ञान ही एक ऐसा माध्यम है जो ये सब कर सकता है । सात्विक ज्ञान एक मामूली इंसान को पंख प्रदान कर अनंत ऊंचाई में उड़ने में मदद करता है । ज्ञान व्यक्ति को जीरो से हीरो बना सकता है
इसलिए ज्ञान एक सीढ़ी नहीं है यह तो पंख है जो चारो दिशाओं , असीमित ऊंचाई , असीमित समय तक उड़ने में मदद करता है, अतः ज्ञान को ही प्राथमिकता देनी चाहिए
ये दुनिया भूतकाल में ऐसी थी , आज ऐसी है , कल भविष्य में कैसी होगी ये सब ज्ञानियों ने ही निश्चित किया है अपने ज्ञान के दम पर,
अतः ज्ञान और ज्ञानियों के कई प्रकार होते है जिन्हें कभी किसी और वक्तव्य में व्यक्त करेंगे।
धन्यवाद
विचार ~ दिनेश उपाध्याय
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