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Showing posts from November, 2024

SC ने आरक्षण पर 50% की सीमा तय की है परन्तु राज्य इस सीमा को तोड़कर इससे ज्यादा आरक्षण क्यों दे रहे है? क्या यह अवमानना है? माननीय सर्वोच्च न्यायालय कुछ करते क्यों नहीं?

 प्रश्न :- भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षण पर 50% की सीमा तय की है परन्तु फिर भी कुछ राज्य इस सीमा को तोड़कर इससे ज्यादा आरक्षण दे रहे है अतः यह न्यायालय की अवमानना का मुकदमा है परन्तु राज्यों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती है ? उत्तर :-  भारत में आरक्षण पर 50% की सीमा का निर्धारण 1992 में इंदिरा साहनी बनाम भारत संघ (मंडल आयोग मामला) में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा किया गया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि आरक्षण का प्रतिशत 50% से अधिक नहीं होना चाहिए, ताकि समानता का अधिकार बना रहे। लेकिन इसके बावजूद कुछ राज्य इस सीमा को पार कर 50% से अधिक आरक्षण दे रहे हैं। इसके पीछे कई कारण और विशेष परिस्थितियाँ होती हैं, जो इसे न्यायालय की अवमानना के बजाय राज्य की नीति का हिस्सा बनाती हैं। यहाँ इस विषय को समझने के कुछ महत्वपूर्ण कारण दिए गए हैं: 1. विशेष परिस्थितियों का हवाला कई राज्य, जैसे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान आदि, अपने समाज में पिछड़े वर्गों और अन्य कमजोर समुदायों की अधिक संख्या का हवाला देकर यह तर्क देते हैं कि उनके यहाँ आरक्षण की आवश्यकता अधिक है। इसलिए, वे स...